गर्मी के मौसम में लगाए Solar Ac | काफी कम खर्च में उपलब्ध | शानदार फीचर्स |

गर्मी के मौसम में लगाए Solar Ac, काफी कम खर्च में उपलब्ध:

गर्मी का मौसम में जैसे-जैसे सूरज का पारा चढ़ता जा रहा है, लोगों के शरीर से तेजी से पसीना निकलना शुरू हो गया है। ऐसा में इस भीषण गर्मी से बचने के लिए पखें कूलर की जगह एसी से राहत मिलती है। लेकिन इसके बढ़ते बिजली के बिल के चलते लोग घरों में एसी लगाने से डरते है। एसी के इस्‍तेमाल करने से बिजली के बिल का पारा इतनी तेजी से बढ़ जाता है कि बजट पूरा लड़खड़ाने लग जाता है।

लेकिन अब आपकी इस परेशानी को दूर करन के लिए बाजार में सोलर एसी आ गया है जो सोलर पैनल्स के जरिए सूरज की रोशनी से जनरेट होकर काम करता हैं। जिसे गर्मी से राहत मिलने के साथ आपको बिजली के बिल से भी राहत मिलती है। इतना ही नही इस Solar Ac के लेने पर खर्च भी काफी कम आता है।

Solar Ac कैसे लगाएं?

Solar Ac लगाना थोड़ा महंगा विकल्प है, लेकिन यह लंबी अवधि में बचत करने का एक बहुत ही अच्छा तरीका है। सोलर एसी को स्थापित करने के लिए निम्न चरणों का पालन करना होगा:

  1. आवश्यकता का आकलन: अपनी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एसी की तरंग और सोलर पैनल की आवश्यक क्षमता का आकलन करें। आमतौर पर 1 टन के एसी के लिए लगभग 1.5 किलोवाट सोलर पीवी सिस्टम की आवश्यकता होती है।
  2. स्थान का चयन: सोलर पैनलों को धूप में लगाना होगा। छत या खुले स्थान का चयन करें जहां पर्याप्त धूप मिलती हो। पैनल को आसानी से साफ भी किया जा सके।
  3. उपकरण का चयन: गुणवत्तापूर्ण सोलर पैनल, इनवर्टर, बैटरी, वायरिंग और सहायक उपकरणों का चयन करें। एक पेशेवर सोलर कंपनी से परामर्श लें।
  4. सुरक्षा अनुमोदन: आवश्यक पर्यावरण और अन्य सुरक्षा अनुमोदन प्राप्त करें। इसमें शहर/नगर निगम से भी अनुमति शामिल हो सकती है।
  5. स्थापना: एक विशेषज्ञ कंपनी को सोलर पीवी सिस्टम और एसी की स्थापना का काम सौंपें। धूप की दिशा के अनुसार पैनलों को उचित तरीके से लगाया जाना चाहिए।
  6. कमीशनिंग: सिस्टम को सफलतापूर्वक कमीशन करना सुनिश्चित करें और कोई त्रुटि न हो, इसकी जांच करें।
  7. रखरखाव: नियमित रूप से पैनलों को साफ करें और बैटरियों की जांच करें। प्रणाली के लिए वार्षिक रखरखाव अनुबंध करना सुनिश्चित करें।

सोलर एसी की स्थापना महंगी हो सकती है, लेकिन आपको लंबी अवधि में बिजली की लागत में काफी बचत होगी। यह पर्यावरण के अनुकूल भी है। सही प्रकार के सोलर पीवी सिस्टम के साथ, आप पूरी तरह से अपने घर के एसी लोड को कवर कर सकते हैं।

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Solar Ac किस प्रकार काम करता है?

Solar Ac एक हाइब्रिड सिस्टम है जो दोनों सौर और बिजली संसाधनों से संचालित होता है। यह निम्नलिखित तरीके से काम करता है:

  • 1. सोलर पैनल: सौर पैनल सूरज की रोशनी को अवशोषित करते हैं और इसे बिजली में परिवर्तित करते हैं। ये पैनल डायरेक्ट करंट (DC) बिजली उत्पन्न करते हैं।
  • 2. इनवर्टर: सोलर पैनलों से उत्पन्न DC बिजली, इनवर्टर द्वारा एलटरनेटिंग करंट (AC) में परिवर्तित की जाती है, क्योंकि एसी केवल AC बिजली से ही संचालित होता है।
  • 3. बैटरी बैंक: सौर पैनल द्वारा उत्पादित अधिशेष बिजली बैटरी बैंक में संग्रहीत की जाती है। यह रात के समय या धूप न होने की स्थिति में एसी को संचालित करने के लिए उपयोग की जाती है।
  • 4. हाइब्रिड इनवर्टर: यह एक विशेष इनवर्टर है जो बैटरी से DC को AC में बदलता है और साथ ही सौर पैनलों और ग्रिड दोनों से इनपुट भी ले सकता है।
  • 5. ग्रिड कनेक्शन: सोलर एसी सिस्टम आमतौर पर ग्रिड से भी जुड़ा होता है ताकि बिजली की आवश्यकताएं पूरी हो सकें, खासकर तब जब सोलर और बैटरी दोनों ही पर्याप्त नहीं हैं।

सौर एसी कार्य करने के दौरान, यह पहले सोलर पैनल से उत्पन्न बिजली का उपयोग करता है। यदि अतिरिक्त शक्ति की आवश्यकता होती है, तो बैटरी से बिजली का उपयोग किया जाता है। अगर फिर भी आवश्यकताएं पूरी नहीं होतीं, तो सिस्टम ग्रिड बिजली का उपयोग करता है। इस प्रकार सोलर एसी बहुत कुशलता से विभिन्न बिजली स्रोतों का उपयोग करता है।

इस तरह का हाइब्रिड डिज़ाइन बिजली की खपत और लागत को कम करने में मदद करता है। यह पर्यावरण के अनुकूल भी है क्योंकि यह अक्षय ऊर्जा का उपयोग करता है।

Solar Ac के फीचर्स बताये?

Solar Ac कई उन्नत फीचर्स के साथ आता है जो इसे पारंपरिक एसी से अलग करते हैं। कुछ प्रमुख फीचर्स इस प्रकार हैं:

  • 1. ऊर्जा बचत: Solar Ac सौर ऊर्जा का उपयोग करके बिजली की खपत को काफी हद तक कम कर देता है। यह लंबी अवधि में बिजली बिल में बचत करता है।
  • 2. ग्रिड से स्वतंत्र: यह सिस्टम आपको ग्रिड से आंशिक रूप से स्वतंत्र बनाता है, क्योंकि यह सौर और बैटरी से भी चल सकता है। कई मॉडल पूरी तरह से ग्रिड से निरपेक्ष हो सकते हैं।
  • 3. पर्यावरण अनुकूल: सोलर एसी अक्षय ऊर्जा का उपयोग करता है, इसलिए यह पारंपरिक एसी की तुलना में कम कार्बन फुटप्रिंट वाला है।
  • 4. बैटरी बैकअप: इनमें एक बैटरी बैंक होता है जो कि बिजली गुल होने या रात के समय एसी को संचालित करने में मदद करता है।
  • 5. हाइब्रिड संचालन: ये एसी सौर, बैटरी और ग्रिड बिजली, तीनों स्रोतों से चल सकते हैं। यह ऊर्जा प्रबंधन को अधिकतम करता है।
  • 6. बिजली की बचत का मॉनिटरिंग: कुछ सोलर एसी, बिजली की खपत और बचत का आसानी से मॉनिटरिंग करने की सुविधा प्रदान करते हैं।
  • 7. तापमान नियंत्रण: उन्नत तापमान नियंत्रण सुविधा के साथ, कुशल शीतलन और वातानुकूलन प्राप्त किया जा सकता है।
  • 8. वाई-फाई और स्मार्ट कनेक्टिविटी: कुछ मॉडल स्मार्ट होम सिस्टम के साथ एकीकृत किए जा सकते हैं और रिमोट से नियंत्रित किए जा सकते हैं।

इन फीचर्स के साथ, सोलर एसी शीतलन लागत और पर्यावरणीय प्रभाव को कम करते हुए उच्च कुशलता और आरामदायक शीतलन प्रदान करता है।

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